हलाला : इस्लामिक तरीके से हलाला उसे कहा जाता है जैसे अगर किसी पति पत्नी में तलाक हो गया और दोनों अलग हो गए लड़की कहीं और अपने मर्ज़ी से शादी कर्ली और अपने पति के साथ खुसी खुसी रहने लगी अब किसी कारन बस उस पति से भी तलाक होजाता है फिर अगर चाहे तो पहले वाले पति से शादी करना चाहे या पहले वाला पति शादी करना चाहे तो कर सकती है उसे असल हलाला कहा जाता है।
हिंदुस्तान में जो होता है उसे हलाला या हारमा कहते हैं
हमारे यहाँ जो आजकल चलरहा है जहाँ तलाक दे दिया फिर खुद से शादी करने के लिए अपनी बीवी को दूसरे मर्द को भाड़े पर लेकर शादी कर दिया और उसे फिर बोला जाता है तलाक देने टेक वो फिर से शादी करे इसे हलाला नहीं बल्कि हरामा कह सकते हैं।
इस्लामी तरीके से अगर तलाक दे तो हलाला की नौबत ही नहीं आएगी जैसे अगर किसी को तलाक देने का नौबत आजाये तो बस एक बार तलाक बोल कर छोर दे ३ महीना उसी घर में लड़की रहे फिर उसका तलाक हो जायेगा और फिर लड़की का जो हक़ है उसके साथ उनके माँ बाप के घर जाने दें। अब अगर वक़्त गुजरने क बाद अगर लड़के को पछतावा होता है और एहसास होता है के वही बीवी ठीक है तो फिर वो लड़की क वाली यानि बाप भाई से शादी की बात कर सकता है और फिर नए तरीके से एक दूसरे के साथ शादी कर सकता है।
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